इस्राईल के सैकड़ों सैनिकों ने अवैध ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री की नीतियों का कड़ा विरोध किया है। 1300 इस्राईली सैनिक कहते हैं कि नेतनयाहू इस बात के लिए तैयार है कि स्वयं को बचाने के लिए वे इस्राईल को आग लगा दें।
इन इस्राईली सैनिकों का कहना है कि क़ानून में सुधार की प्रक्रिया के अध्यादेश के आरंभ से लेकर अबतक सब कुछ बहुत स्पष्ट है। उनके अनुसार नेतनयाहू एक तानाशाह है जो वास्तविकताओं से बहुत दूर है। वह सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का आदर नहीं करता। नेतनयाहू, अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए सैन्य विकल्प को भी अपना सकता है।
इससे पहले ज़ायोनी शासन के पूर्व रक्षामंत्री बेनी गैंट्स भी कह चुके हैं कि नेतनयाहू इस्राईल के न्यायालय के आदेशों को सम्मान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने नेतनयाहू के इस काम को नैतिक पतन की संज्ञा दी है। इस बात की संभावना व्यक्त की जा रही है कि इस्राईल में क़ानून के पारित होने की स्थति में वहां पर गृहयुद्ध की स्थति उत्पन्न हो जाएगी।
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